तेंदुए का आतंक

तेंदुए का आतंक
भानपुरा।  तहसील क्षेत्र के ग्राम हमीरगढ़ वह आसपास लगातार तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। विगत कुछ दिनों में ही तेंदुए ने कई गोवंश को अपना शिकार बना लिया है। इसको लेकर ग्राम वासियों ने वन विभाग व सीएम हेल्पलाइन पर भी गाय दर्ज कराई उसके बावजूद भी कोई राहत नहीं मिल पाई। तेंदुआ लगातार पानी व शिकार की तलाश में गांव के अंदर और गांव के आसपास पहुंच रहा है। एवं गोवंश का शिकार लगातार कर रहा है। ग्राम वासियों ने बताया कि बीते एक माह के अंदर ही यह तेंदुआ 10 से अधिक गोवंश का शिकार कर चुका है।
बीते कुछ दिनों में ही तेंदुए ने रमेश धाकड़ हमीरगढ़, सीताराम धाकड़ हमीरगढ़, लेखराज धाकड़ खेड़ा तीनों की मिलाकर कुल 5 गोवंश को तेंदुआ गांव के अंदर घुस कर शिकार बना चुका है।
वन रेंजर भानपुरा गौरव गुप्ता ने इस संबंध में बताया कि हमीरगढ़ व खेड़ा गांव बिल्कुल वन क्षेत्र से लगे हुए हैं। एवं गांव के लोगों द्वारा वन क्षेत्र के समीप एक डबरी बनाई हुए। वन्य प्राणी घूमते हुए डबरी तक पानी पीने तक पहुंच जाते हैं। ऐसे ही तेंदुआ भी गांव व वन क्षेत्र मे अधिक दूरी नहीं होने से गांव के आसपास आ जाता होगा एवं खुले में गोवंश को अपना शिकार बना सकता है। को लेकर ग्रामीणों ने सूचना मुझे भी दी है। एवं मैंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। मैंने ग्रामीणों को भी बताया कि अपने मवेशियों को खुले में नहीं छोड़े एवं बाड़े में रखें। खेत पर भी रात्रि में खुले में नहीं बांधे ऐसा करने पर तेंदुए को जब शिकार नहीं मिलेगा तो क्षेत्र में आना बंद कर देगा। यदि किसी ग्रामीण के पशु का शिकार तेंदुआ करता है तो इसको लेकर मुआवजे का प्रावधान भी है।