लोकसभा चुनाव मन्दसौर ससंदीय क्षेत्र से इस बार दोनों दल कांग्रेस व भाजपा से हो सकते हे नये उम्मीदवार

लोकसभा चुनाव मन्दसौर ससंदीय क्षेत्र से इस बार दोनों दल कांग्रेस व भाजपा से हो सकते हे नये उम्मीदवार
लोकसभा चुनाव मन्दसौर ससंदीय क्षेत्र से इस बार दोनों दल कांग्रेस व भाजपा से हो सकते हे नये उम्मीदवार
        
भानपुरा। 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद किसी भी समय लोकसभा चुनाव कि घोषणा हो सकती है वेसे भी भाजपा तो विधानसभा चुनाव के बाद ही लोकसभा चुनाव के अपने मिशन में जुट गई पर कांग्रेस अभी भी जिला स्तर व विधानसभा क्षेत्र स्तर पर करारी हार से अभी तक उभर नहीं पाई हे विधानसभा चुनाव के परिणाम को आए लगभग डेढ़ माह हो गया हे कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित हार से अभी तक सदमे में दिखाई दे रहे हैं दुसरी तरफ भाजपा के नेता व कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव कि भारी भरकम जीत से अति उत्साहित नजर आ रहे हैं, मन्दसौर ससंदीय क्षेत्र जो कि भाजपा व जनसध का गढ़ है विगत दो लोकसभा चुनाव 2009,2014, में भाजपा के सुधीर गुप्ता भारी बहुमत से जीते हैं ओर दोनों बार उन्होंने कांग्रेस कि मीनाक्षी नटराजन को हराया हे नटराजन 2004 में यहां से सांसद चुनीं गई थी,ऐसे में 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का उम्मीदवार तो बदलना तय हे ओर भाजपा में भी नये फार्मुले गाइड लाइन के आधार पर दो या दो से अधिक बार चुने गये सांसदों को बदलने कि चर्चा जोरों पर हे ऐसे में भाजपा भी अपने वर्तमान लोकसभा सदस्य सुधीर गुप्ता की जगह किसी नये उम्मीदवार को मैदान में उतार सकती है ऐसे में भाजपा का नया उम्मीदवार कोन हो सकता हे इसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोरों पर है जो प्रबल व प्रभावी दावेदार हो सकते हैं उनमें सबसे प्रमुख दावेदारी गरोठ भानपुरा क्षेत्र के पुर्व विधायक व आर एस एस के पुर्व प्रांतीय शारीरिक प्रमुख देवीलाल धाकड़ जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आर एस एस में साथी रहे हैं उनको आर एस एस व भाजपा संगठन का भी सहयोग मिल सकता हे,अन्य दावेदारों में सहकारिता नेता पुर्व जिलाध्यक्ष मदनलाल राठोर,किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर,ओर मन्दसौर के पुर्व विधायक व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसौदिया साथ ही कभी भाजपा अपने वर्तमान विधायकों में किसी को उम्मीदवार बनाए तो उसमें प्रमुख हे जावरा के विधायक डा राजेन्द्र पाण्डेय जिनके पिता इस संसदीय क्षेत्र से 11 बार रिकार्ड चुनाव लड़कर आठ बार सांसद बने हे डा लक्ष्मीनारायण पाण्डेय,साथ ही जावद के विधायक प्रदेश के पुर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा जो प्रदेश के पुर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा के पुत्र हे क्यों किभाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व आश्चर्यजनक फेसले लेने में जाना जाता है कुछ भी निर्णय हो सकता है उधर कांग्रेस में अभी यह तस्वीर बिल्कुल भी साफ नहीं दिख रही है न किसी ने आगे बढ़कर कोई दावेदारी कि हे यह तो तय माना जा रहा हे कि जो भी कांग्रेस का उम्मीदवार होगा नया होगा प्रमुख ओ बी सी चेहरा समंदर पटेल जो हाल ही में जावद विधानसभा क्षेत्र से मामुली अंतर से पराजित हुए,पुर्व विधायक नवक्रष्ण पाटिल, नंद किशोर पटेल,या ओर कोई नया चेहरा मैदान में उतार सकती है अभी किसी भी दावेदार ने आगे बढ़कर उम्मीदवार बनने कि मंशा जाहिर नहीं कि हे कांग्रेस का जो भी उम्मीदवार होगा उसको बहुत मेहनत करना होगी कार्यकर्ताओं व नेताओं के मनोबल को ऊंचा उठाना होगा लगातार पराजय से कार्यक्रता निराश हे 2024 का लोकसभा चुनाव राममंदिर व नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर लडा जायेगा जो कि भाजपा का मजबूत पक्ष हे ।