आरोग्यधाम दुधाखेड़ी माताजी परिसर क्षेत्र में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन जारी है

आरोग्यधाम दुधाखेड़ी माताजी परिसर क्षेत्र में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन जारी है
आरोग्यधाम दुधाखेड़ी माताजी परिसर क्षेत्र में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन जारी है
भानपुरा । क्षेत्र के धार्मिक आस्था के केंद्र व आरोग्यधाम दुधाखेड़ी माताजी परिसर क्षेत्र में 1 जनवरी से 7 जनवरी तक संगीत में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा के छठे दिन भागवताचार्य दुर्गेश कृष्ण तिवारी ने बड़ी संख्या में पंडाल में कथा का श्रवण कर रहे श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करते हुए श्री कृष्ण द्वारा मामा कंस वध का वृतांत का वर्णन किया। एवं श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह प्रसंग वृतांत के दौरान ग्राम दुधाखेड़ी से श्री कृष्ण की बारात श्रीमद् भागवत कथा पंडाल तक बैंड बाजा ढोल आतिशबाजी पुष्पवर्षा के साथ भक्ति रस में रमते भक्तों के नृत्य के साथ पहुंची। इस दौरान पूरा कथा पंडाल कृष्णा में हो गया। इस दौरान श्रीमद् भागवत कथा के आयोजक मुकेश पाटीदार द्वारा कन्यादान किया गया। कथा के दौरान भागवताचार्य श्री तिवारी ने कहा कि प्रसाद लेना ही प्रभु का साक्षात दर्शन करना होता है। इसलिए कहा जाता है गुरु का प्रसाद, माता-पिता का प्रसाद, संतों का प्रसाद, अतिथि का प्रसाद किसी भी रूप में मिल सकता है। इसलिए इन प्रसाद का कभी परित्याग नहीं करना चाहिए। जीण माता-पिता ने अपनी संतान को अच्छी शिक्षा संस्कार नहीं दिए वह मां-बाप भी जीवन के शत्रु हो जाते हैं। जिन मां-बाप ने अपने बच्चों को अच्छा पढ़ाया लिखिया वो जीवन के प्रथम गुरु बन जाते हैं। गुरु भी मां-बाप है एवं शत्रु भी मां-बाप बन जाते हैं। भविष्य ही मां-बाप बनाते हैं आपके घर में जैसा संस्कार होगा बच्चों में भी आएगा। इसलिए जीवन में ध्यान रखो गरीबी देख लेना। आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हो लेकिन अपने बच्चों की शिक्षा संस्कार अच्छे से करना। क्योंकि गुरु ही परमात्मा तक पहुंचा पाएंगे। गुरु ही परमात्मा के दर्शन करता है। कथा के दौरान भजनों पर कथा पंडाल में महिला पुरुषों ने खूब नृत्य किये। कथा के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष विजय कुमार पाटीदार, नगर परिषद अध्यक्ष विनोद शिव भानपिया, प्रेस क्लब अध्यक्ष हरिकृष्ण मरमट आदि भी पहुंचे एवं भागवताचार्य श्री तिवारी का पुष्प हारो व श्रीफल से सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।