बड़ा महादेव मार्ग पर तेंदुआ मृत पड़ा होने की सूचना पर नगर से बड़ी संख्या में लोग मौका पर पहुंचे

बड़ा महादेव मार्ग पर तेंदुआ मृत पड़ा होने की सूचना पर नगर से बड़ी संख्या में लोग मौका पर पहुंचे

भानपुरा। वन परिक्षेत्र भानपुरा के अंतर्गत प्राकृतिक पर्यटन व धार्मिक आस्था के केंद्र बड़ा महादेव मार्ग पर पार्किंग के पास बनी पुलिया के पास झाड़ियां में एक तेंदुआ मृत होने की सूचना पर वन विभाग के बीट प्रभारी एवं वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। एवं प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया एवं परीक्षण कराया गया। यहां से तेंदुआ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जैसे ही तेंदुए के मृत पड़े होने की सूचना नगर में फैली बड़ी संख्या में लोग टू व्हीलर फोर व्हीलर से मौके पर पहुंचने लगे। 
वन परिक्षेत्र अधिकारी भानपुरा अंकित भदोरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार 15 जनवरी को सुबह बड़ा महादेव स्थान मार्ग पार्किंग के पास पुलिया के समीप झाड़ियों में मृत तेंदुआ पड़े होने की सूचना मिलने पर मौके पर वन विभाग की टीम पहुंची। एवं वन परिक्षेत्र भानपुरा बीट भानपुरा के कक्ष क्रमांक 32 में बड़ा महादेव मार्ग पर पार्किंग के समीप पुलिया के पास झाड़ियां में एक नर तेंदुआ मृत पड़ा हुआ मिला। एवं मौके के समीप मार्ग पर तेंदुआ द्वारा पंजे से खरोच की गई एवं खून के निशान पाए गए। तेंदुआ के शव के परीक्षण के लिए मौके पर पशु चिकित्सा अधिकारी भानपुरा बी डी जैन को मौके पर बुलाया गया। मृत तेंदुआ का मौके पर पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण किया गया। साथ ही नाप करने पर मृत तेंदुआ के शव की लंबाई 127 सेंटीमीटर पाई गई। शव के सभी अंग नाखून शरीर पर पाए गए। शव पर जगह-जगह पर संघर्ष के निशान पाए गए। शव का प्राथमिक परीक्षण के बाद पोस्टमार्टम के लिए तेंदुए के शव को शासकीय पशु चिकित्सालय भानपुरा लाया गया। इस दौरान एसडीओ फॉरेस्ट गरोठ सरोज रोज भी वन विभाग कार्यालय भानपुरा पहुंची। एवं उनके निर्देश पर अन्य कार्यवाहियां संपादित की गई। पोस्टमार्टम के बाद मृत तेंदुए के शव का दाह संस्कार कर दिया गया।
भानपुरा शासकीय पशु चिकित्सा अधिकारी बी डी जैन ने पोस्टमार्टम के बाद बताया कि मृत तेंदुआ करीब साढ़े चार वर्ष का है। आपसी संघर्ष में तेंदुए की मौत हुई है। मृत तेंदुए के गले में गहरे दांत गड़े हुए थे एवं ब्लड निकल रहा था। पैंथर की गर्दन में श्वास नली मैं गहरे दांत गड़े ने से ब्लड निकलने से ब्लड श्वास नली से फेफड़ों तक ब्लड पहुंचने से दम घुटने से तेंदुए की मौत हो गई। मृत तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित हैं।