चीतों का घर बनकर तैयार, चीतल हिरण आना हुए शुरू

चीतों का घर बनकर तैयार, चीतल हिरण आना हुए शुरू
चीतों का घर बनकर तैयार, चीतल हिरण आना हुए शुरू
भानपुरा। विगत वर्ष मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के उपरांत गांधीसागर अभ्यारण्य को चीतों के दूसरे घर के रूप में तैयार किया जा रहा है। उक्त जानकारी देते हुए अधीक्षक अभ्यारण गांधीसागर राजेश मंडावरिया ने बताया कि प्रचलित चीता पुनर्स्थापना योजना में  चीतों के लिए लिए तैयार किया जा रहा 64 वर्ग किमी का बाड़ा बनकर लगभग तैयार हो गया है व शेष कार्य अंतिम चरण में है। इसी बीच चीतल हिरण का आना भी शुरू हो गया है। 
चीत्तल हिरण स्थानांतरण का कार्य हुआ शुरू -  गांधीसागर अभ्यारण्य में चीतों के पुनर्स्थापना के पूर्व शाकाहारी वन्य प्राणियों की संख्या बढ़ाने हेतु 1250 चीतल हिरण अन्य संरक्षित क्षेत्रों से स्थानांतरित किए जाने है। ताकि चीता हेतु शिकार के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध हो सके।  
पहली खेफ में कान्हा नेशनल पार्क से सोमवार 8 जनवरी आए 23 चीतल हिरण - कान्हा नेशनल पार्क से आने वाले कुल 500 हिरण में से 23 हिरण पहली खेफ में गांधीसागर अभ्यारण्य में पहुंच चुके हैं। जिन्हें सफलतापूर्ण स्वस्थ्य अवस्था में वन्य प्राणी पशु चिकित्सक की निगरानी में शाकाहारी वन्य प्राणी हेतु निर्मित 90 हैक्टेयर के बाड़े में छोड़ दिया गया है।
अन्य संरक्षित क्षेत्रों से भी आना है हिरण
वन विहार नेशनल पार्क भोपाल से आने है 250 चीतल हिरण।
नरसिंहगढ़ अभ्यारण्य,राजगढ़ से आयंगे 250 चीतल हिरण।
फरवरी- मार्च में शाजापुर से पकड़े जाने है 400 कृष्ण मृग।
इन्हे भी गांधीसागर अभ्यारण्य में ही स्थानांतरित किया जाएगा।