भाजपा कि गायत्री पोराणिक बनी भैंसोदा नगर परिषद कि पहली अध्यक्ष

भाजपा कि गायत्री पोराणिक बनी भैंसोदा नगर परिषद कि पहली अध्यक्ष
भाजपा कि गायत्री पोराणिक बनी भैंसोदा नगर परिषद कि पहली अध्यक्ष
कांग्रेस कि आपसी फुट का मिला फायदा
भानपुरा। राजनिती मे कब किसका भाग्य चेत जाए यह आज भैसोदा नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव मे सिद्ध हो गया। जिस उम्मीदवार का नाम पहले पार्षद पद कि दोड मे भी नही था। जैसे तेसे पार्षद बनी भाजपा कि गायत्री अजय पौराणिक पार्षद बनने के बाद उनका काम केवल इतना रह गया था कि अधिकृत उम्मीदवार भाजपा को वोट करना पर जब भाजपा के जीते 7 मे से चार पार्षद अध्यक्ष पद कि दावेदारी के लिए दम ठोकने लगे  उनमे सीमा राकेश यादव,रेखा श्याम गुर्जर,संजय पाटनी व अर्जुन शर्मा जब यह किसी एक पर सहमत नही हुए तो भाजपा हाईकमान ने गायत्री अजय पौराणिक को अधिकृत उम्मीदवार सबकी सहमति से बना दिया। ओर वह भाजपा के 7 वोट तो लेकर आई एक वोट ओर अधिक उन्हे मिल गया। ओर उधर कांग्रेस जो 6 पार्षद जीतकर आई थी। ओर 2 निर्दलीय जो कांग्रेसी विचारधारा के थे कुल 8 पार्षद थे। पर 8 पार्षदो मे दो कांग्रेसी पार्षद अध्यक्ष पद के लिए मैदान मे उतर गये ओर परिणाम यह रहा कि कांग्रेस के एक पार्षद सुमित पाटीदार को 4 मत व एक अन्य पार्षद अशुलंराज पाटीदार को तीन मत मिले। कांग्रेस कि आपसी फुट देखकर एक निर्दलीय जो चुनाव पुर्व तक कांग्रेस खेमे मे था। भाजपा खेमे मे चला गया। कांग्रेस कि इस जानबुझकर हुई हार से क्षेत्र के सैकडो कांग्रेस कार्यकर्ता निराश है। पुरे मन्दसौर जिले मे कांग्रेस बुरी तरह हारी केवल भानपुरा तहसील मे भानपुरा व भैसोदा मे ही कांग्रेस बहुमत तक पंहुची पर उसमे भी आपसी फुट के कारण भैसोदा कि नगर परिषद कांग्रेस ने गंवा दी। सुमित पाटीदार प्रदेश कांग्रेस के महासचिव  त्रिलोक पाटीदार के पुत्र है। तो अंशुलराज पाटीदार पुर्व मंत्री सुभाष सोजतिया के प्रबल समर्थक है। उल्लेखनीय हे कि भाजपा मे जहा हाईकमान कि बात सबने मानी ओर वही दुसरी तरफ कांग्रेस मे अनुशासन,एकता,सब दर किनार केवल ओर केवल हमारा ओर अपना उम्मीदवार ,दिग्गज नेताओ कि आपसी फुट के कारण कांग्रेस सत्ता से बाहर है। क्षेत्र मे मतदाताओ ने कांग्रेस पर विश्वाश व्यक्त किया पर कांग्रेसी उस विश्वाश पर खरे नही उतर रहे है। इससे मतदाताओ के साथ ही कार्यकर्ताओं मे भी भारी निराशा है। अगर कांग्रेस 2023 का विधानसभा चुनाव का रण जीतना चाहती हे तो उसके दिग्गज नेताओ को अपने अंह को त्यागना होगा भाजपा ने जहा एक एक कदम फुक कर रखा वही कांग्रेस  के दोनो  गुट एक दुसरे को नीचा दिखाने मे लगे रहे। ओर आपस मे चुनाव लडकर यह बता भी दिया। भाजपा ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए एकमत बनाया बिल्कुल एक साधारण परिवार कि ग्रहणी है। पति अजय पौराणिक मोटर वाइंडिग का काम करते है। गायत्री पौराणिक का भाग्य कांग्रेस कि आपसी फुट पर भारी पढा। ओर वह भैसोदा नगर  परिषद कि पहली नगर परिषद अध्यक्ष बन गई। जिन लोगो ने अध्यक्ष बनने के लिए पार्षद का चुनाव लडा उनके सपने अधुरे रह गये। ओर जिन्होने बेमन से पार्षद का चुनाव लडा वह अध्यक्ष पद पर काबिज हो गई। कांग्रेस कि आपसी गुटबाजी ओर गायत्री पौराणिक का भाग्य उन्हे अध्यक्ष बना गया। 
उधर कांग्रेस के पर्यवेक्षक विकास कपुर ने कहा कि अंशुलराज पाटीदार को कांग्रेस ने पार्षदो कि राय से अधिकृत उम्मीदवार बनाया था। पर सुमित पाटीदार ने बगावत कर चुनाव लडा इस कारण कांग्रेस कि हार हुई। 
उधर वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिलोक पाटीदार ने कहा कि पर्यवेक्षक ने पार्षदो कि बिना राय लिए दबाव मे अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया जो अवैधानिक था। ओर यह अधिकृत उम्मीदवार कोमिले वोट से साबित हो गया। 
ब्लांक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह हाडा ने कहा कि कांग्रेस कि हार दुखद हे जीती हुई बाजी हार गये।
भाजपा विधायक देवीलाल धाकड ने कहा कि यह भाजपा के अनुशासन एकता कि जीत है। पार्षदो ने एकमत से यहा तक एक निर्दलीय ने भी भाजपा उम्मीदवार को समर्थन दिया। एक साधारण जमीनी कार्यकर्ता को नगर परिषद का अध्यक्ष बनाया है।